दो टीवी चैनलों के दफ्तरों में जमकर तोड़फोड़

कुछ उपद्रवियों ने पाकिस्तान में दो टीवी चैनलों पर हमला कर दिया और दफ्तरों में जमकर तोड़फोड़ की। बताया जा रहा है कि ये हमला कॉमेडी शो में किए गए मजाक को लेकर किया गया है। टीवी शो पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि इसके जरिए सिंध प्रांत और सिंधी भाषी लोगों का मजाक बनाया जा रहा है।

सूचना के अनुसार, गुस्साए लोग रविवार को ‘जियो न्यूज’ और ‘जंग न्यूज’ के ऑफिस में घुस आए। उन्हें रोकने का काफी प्रयास भी किया गया, लेकिन वे नहीं माने और ऑफिस के अंदर घुस आए। उन्होंने जमकर तोड़फोड़ मचाई और स्टाफ के साथ मारपीट भी की।

स्थानीय मीडिया द्वारा जारी की गई टीवी फुटेज के मुताबिक, जगह-जगह बिखरा सामान, टूटे शीशे साफ देखे जा सकते हैं।

टीवी चैनल के शो ‘खबरनाक’ के होस्ट इरशाद भट्टी ने बयान देकर कहा है कि उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था। दरअसल, अपने इसी शो में सिंधी लोगों पर की गई पत्रकार इरशाद भट्टी की टिप्पणियों से ही लोगों में नाराजगी है।  इस महीने के शुरुआत में इरशाद भट्टी ने सिंधी समुदाय के लोगों को अपने कार्यक्रम में ‘भूखा-नंगा’ (भूखा और नंगा) कहा, तो लोगों का धैर्य टूट गया और विरोध प्रदर्शन करने लगे।

पत्रकार इरशाद भट्टी ने कार्यक्रम की शुरुआत में भिखारी-नंगे लोगों के करोड़पति नेता के तौर पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी को इंट्रोड्यूस किया। फिर कहा था कि सिंध में बहुत से भीख मांगने वाले लोग हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बहुत से भोले-भाले लोग जरदारी की रैलियों में शामिल होने आते हैं, जिन्हें इसके लिए भुगतान भी नहीं किया जाता है। इरशाद ने कहा कि भूखे-नंगे लोगों को पैसे का वादा करके पीपीपी रैलियों में लाया जाता है, लेकिन बाद में उन्हें भुगतान भी नहीं किया जाता है।

 इस हमले को लेकर, पत्रकार जेबुनिसा बुरकी ने कहा कि पुलिस की आंखों के सामने यह सब हुआ। जब पुलिस को सूचना दी गई, तब तक भी हमलावर वहीं थे।

जियो न्यूज के प्रबंध निदेशक अजहर अब्बास ने ट्वीट कर इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, ‘जियो और जंग के ऑफिस पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। उन्होंने रिसेप्शन एरिया में तोड़फोड़ की और हमारे कैमरामैन के साथ मारपीट भी की। आखिर सरकार कहा है?’

जियो न्यूज कराची के पत्रकार फहीम सिद्दिकी ने कहा कि भट्टी ने स्पष्टीकरण देने के बाद माफी भी मांगी थी। ऐसे में यह नहीं होना चाहिए था। इस विरोध प्रदर्शन के बारे में पहले से पता था, फिर भी पुलिस ने कुछ नहीं किया। कोई सुरक्षा न्यूज चैनल को मुहैया नहीं कराई गई। हम इस घटना के पीछे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हैं।

 घटना की निंदा करते हुए सिंध के सूचना मंत्री नासिर हुसैन शाह ने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं। सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली ने भी कहा कि उन्होंने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं और जियो न्यूज के प्रबंध निदेशक से इस बारे में बात भी की है। हालांकि विपक्षी दल इस घटना के बाद इमरान सरकार पर सवाल उठा रहा है।