श्रीराम वनगमन-पथ काव्ययात्रा का किया संकल्प

राष्ट्रीय कवि संगम श्रीराम वनगमन-पथ काव्ययात्रा का संकल्प सरयू के पावन तट पर विधि विधान के साथ हवन पूजन कर किया गया। परमार्थ निकेतन के अधिष्ठाता स्वामी चिदानंद जी महाराज ने संकल्प यज्ञ किया। उनके साथ राष्ट्रीय कवि संगम के संरक्षक, आर.एस.एस. के वरिष्ठ पदाधिकारी इंद्रेश , अंतरराष्ट्रीय कलाकार बाबा सत्यनारायण मौर्य, राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल, राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय, राष्ट्रीय कवि संगम के महामंत्री डॉ अशोक बत्रा, सह-महामंत्री एवं यात्रा संयोजक महेश शर्मा, राष्ट्रीय मंत्री सुदीप भोला, कमलेश मृदु मौर्य, क्षेत्रीय अध्यक्ष शिव कुमार व्यास, ब्रज प्रान्त संरक्षक रुचि चतुर्वेदी, म.प्र. अध्यक्ष कवि शंभू मनहर, अवध प्रान्त सलाहकार हरीश श्रीवास्तव, अध्यक्ष प्रियंका राय, बुंदेलखंड प्रान्त अध्यक्ष अजय अंजाम, अयोध्या जिला अध्यक्ष अरुण द्विवेदी, महामंत्री अनुजेंद्र तिवारी समेत अनेक कार्यकर्ताओं ने आहुतियां डाली। इसके उपरांत सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने सरयू की ओर अभिमुख होकर वैदिक मंत्रोच्चार से संकल्प लिया तथा अक्षत व पुष्प पुण्य सलिला सरयू की पावन धार में विसर्जित किए। 

राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल ने बताया कि 2022 की मकर संक्रांति से यह यात्रा श्रीलंका से शुरू होगी और महाशिवरात्रि को अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा का उद्देश्य है कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम को वनवास में जिन्होंने वन में श्रीराम का सहयोग दिया था, उसी पथ पर काव्य रथयात्रा श्रीलंका से उन समस्त वनवासी बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा में जगह-जगह अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के साथ युवा कवियों की श्रीराम काव्य प्रतियोगिता, धार्मिक व लोक संस्कृति से जुड़े आयोजन भी होंगे | 

अयोध्या महोत्सव स्थल पर  परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद जी महाराज ने अपने उद्बोधन में काव्य यात्रा को अन्तर्राष्ट्रीय स्वरूप में सहयोग करने की बात कहते हुए उपस्थित जन समूह को अपने आशीर्वाद से अभिसिंचित किया । आर.एस.एस. के वरिष्ठ पदाधिकारी माननीय इंद्रेश जी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष चम्पत राय जी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। बाबा सत्यनारायण मौर्य द्वारा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम पर चित्र प्रदर्शनी एवं संगीतमय काव्य संध्या प्रस्तुत की गई। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन डॉ रुचि चतुर्वेदी की वाणी वन्दना से शुरू हुआ जिसका संचालन रामकिशोर तिवारी किशोर ने किया। महेश शर्मा, बाबा सत्यनारायण मौर्य, डॉ अशोक बत्रा, शम्भू सिंह मनहर, सुदीप भोला, अजय अंजाम, प्रियंका राय ‘ओमनंदिनी’ ने कवि सम्मेलन को ऊंचाईयां प्रदान की।

इस अवसर पर पूर्वी उत्तरप्रदेश (अवध, काशी, बुंदेलखंड, गौरक्ष प्रान्त) का क्षेत्रीय अधिवेशन आयोजित किया गया। जिसमें सभी प्रान्तों ने अपना कार्यवृत्त निवेदित किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल जी ने अवध और गोरक्ष प्रान्तों के संगठन में कुछ दायित्व परिवर्तन किए। सभी आगंतुक कवियों को बाबा सत्यनारायण मौर्य जी द्वारा प्रतीक चिन्ह, पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्र  प्रदान कर सम्मानित किया गया तत्पश्चात जगदीश मित्तल जी ने अवध प्रांत सलाहकार श्री हरीश श्रीवास्तव एवं अयोध्या इकाई के जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी और उनके सहयोगियों को इस भव्य आयोजन हेतु बधाई दी। बाबूजी के आशीर्वचन के साथ  भोजनोपरान्त सभी को प्रेमपूर्वक विदाई दी गई।