यूपी में योगी सरकार बा

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गौतम अनिल सिंह

उत्तर प्रदेश में क्या है पूछने वाले अचानक चुनाव के समय बढे हैं तो इसका जवाब देने वाले भी उत्तर प्रदेश में उस अनुपात में कई गुना अधिक है, जो बता रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में क्या है? बुंदेली कवित्री अनामिका अंबर जैन के गीत ‘यूपी में बाबा हैं’ की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। इस लेख में भी उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल में क्या—क्या हुआ। इसका एक संक्षिप्त लेखा जोखा प्रस्तुत है

1)यूपी के कोरोना प्रबंध की वैश्विक संस्थाओं ने की सराहना

हर तरफ कोरोना प्रबंधन को लेकर सरकार की वाह—वाह हो रही है। जितने बेहतर तरीके से योगी सरकार ने इस महामारी में उत्तर प्रदेश के लोगों का संभाल किया, उसके बाद ही यूपी वाले बोल रहे हैं। यूपी में योगी बा।

2) निवेशकों की पहली पसंद बना यूपी”
बदलते वातावरण का परिणाम है कि आज निवेशकों की पहली पसंद उत्तर प्रदेश है. चार साल के भीतर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की राष्ट्रीय रैंकिंग में 12 पायदान ऊपर उठकर नम्बर दो पर आना कोई सरल कार्य नहीं था पर योगी सरकार ने ये कर के दिखाया है।

3) उत्तर प्रदेश गोपालक योजना
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश गोपालक योजना का शुभारंभ किया गया है इस योजना के माध्यम से गोपालक को ₹200000 तक का ऋण मुहैया करवाया जाएगा। यह ऋण दो किस्तों में मुहैया करवाया जाएगा। जिसके माध्यम से लाभार्थी 10 से 12 गाय का पशुपालन कर सकता है। लाभार्थी गाय या भैंस में से किसी को भी पाल सकता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पशु दुधारू होना अनिवार्य है। इसके अलावा इस योजना के माध्यम से लाभार्थी अपनी खुद का डेरी फॉर्म भी खोल सकता है। यह योजना बेरोजगारी दर में घटाने में भी कारगर साबित है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी

4) अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस

सरकार की अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति का परिणाम रहा है कि प्रदेश में डकैती, लूट, हत्या, बलवा और बलात्कार की घटनाओं में कमी आई है। इससे निवेशकों की बढ़ोतरी हुई है , महिलाओं की सुरक्षा जो सबसे ज्यादा जरूरी है, तो इस योगी सरकार ने इसपे लगाम लगाके ये तो जरूर सिद्ध कर दिया है कि यूपी में योगी सरकार बा

5) अपहरण का उद्योग पर लगाम
सीएम योगी सरकार कि पिछले 4 सालों से यूपी में अगर आपसी रंजिश को छोड़ दें तो संगठित अपराध न्यूनतम स्तर पर है.यूपी की कानून व्यवस्था देश के अंदर बेहतर व्यवस्था में से एक है. यूपी की बेटियों सहित निवेशकों के अंदर विश्वास पैदा किया है, ये तो अख़बारों की सुर्खियां भी है और अगर आप ground reality का भी निरीक्षण करेंगे या यूं कहें पता लगाएंगे तो आपको ये जरूर पता लगेगा कि अपराध पर नियंत्रण जरूर है, इसलिए फिर कहता हूं यूपी में योगी सरकार बा

6) पेंशन योजना
निराश्रित महिला पेंशन योजना को विधवा पेंशन योजना भी कहते हैं। इस योजना का उद्देश्य उन महिलाओ की आर्थिक मदद करना है जिस महिलाओ की पति की मृत्यु हो जाती है इस योजना के तहत विधवा महिला को सरकार द्वारा पेंशन के रूप में कुछ राशि प्रदान की जाती है जिससे वह किसी अन्य पर निर्भर न रहे और अपनी जरूरत का सामान खरीद सके। इस योजना के अंतर्गत विधवा महिला को प्रति माह 500 रूपये तक की राशि प्रदान करती है, फिर से यूपी में योगी सरकार बा

7) अगले कुछ वर्षों में प्रदेश में चार एक्सप्रेस वे

बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे बलिया लिंक एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो जाएगी। गंगा एक्सप्रेसवे को 2024 तक तैयार कर लेने की योजना है। 341 किलोमीटर लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे गाजीपुर और लखनऊ की दूरी को महज चार घंटे में पूरी कर देगा।

8) भारत में शीर्ष 10 सबसे लंबे राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे
भारतीय सड़क नेटवर्क में लगभग 1324 किमी एक्सप्रेसवे हैं और 25 निर्माणाधीन हैं। नेशनल एक्सप्रेसवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सात नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है, उनमें से कुछ 124 किमी लंबे कानपुर महानगर बायपास, 111 किमी बेंगलूरु मैसूर इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर, बीजू एक्सप्रेसवे, चेन्नई ओआरआर और उत्तर प्रदेश में 1047 किलोमीटर के निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के सबसे लंबे हैं।
ये सब सिर्फ कागज़ो की योजना नही है अगर आप ये जाके भी पता करेंगे तो आपको लगेगा कि योजना धरती पर है हवा में नही है।
अब मंदिर जय श्री राम पे समर्पण, श्री *कृष्ण भगवान का अनुसरण और उसपे हिंदुत्व की तिलक , तो कह सकते हैं *यूपी में योगी सरकार बा*

फिर अगर नए एयरपोर्ट की बात करें, तो जगजाहिर है कि उत्तर प्रदेश अब इसमें भी विकास की रफ़्तार तेजी ले चुकी है।

अगर आम आदमी की बात करें या नोएडा की बात करें तो अब लोग नोएडा में बसना चाह रहे हैं, इसका सबसे बड़ा कारण नोएडा में निवेश और अपराधों पे लगाम है।

यूपी में योगी सरकार बा

ये मेरे दोस्त जो यूपी में हैं जो ना नेता है,ना पॉलिटिकल विश्लेषक हैं, उनका कहना है और उनके ही शब्दों को मैंने इसमें लिखा है। जात की राजनीति और हिंदुत्व ,देखते हैं जीत किसको हांसिल होती है।

(लेखक पेशे से अधिवक्ता हैं)

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